5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, उत्तर प्रदेश अहम

देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, उत्तर प्रदेश अहम

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा

Assembly Election 2022: भारत निर्वाचन आयोग ने उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। कोरोना महामारी को देखते हुए पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के दौरान आगामी 15 जनवरी तक जनसभाओं, साइकिल, बाइक रैली और पदयात्राओं पर रोक लगा दी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने 8 जनवरी को प्रेसवार्ता कर बताया कि उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, पंजाब और गोवा में कुल सात चरणों में चुनाव होंगे, जिसमें उत्तर प्रदेश में सात चरणों, मणिपुर में दो चरणों में (27 फरवरी और 3 मार्च को) और पंजाब, गोवा एवं उत्तराखंड में एक चरण में (14 फरवरी को) मतदान होंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश में 403 सीटों, पंजाब में 117 सीटों, गोवा में 40 सीटों, उत्तराखंड में 70 सीटों और मणिपुर में 60 सीटों पर उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे। इन पांचों राज्यों में मतदान होने के बाद 10 मार्च को मतगणना होगी और परिणाम सामने आएंगे। इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
बता दें कि इनमें से उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में बीजेपी की सरकार है। जबकि पंजाब में कांग्रेस पार्टी की सरकार है। साथ ही बता दें कि पांच राज्यों की कुल 690 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं और 18 करोड़ 34 लाख मतदाता इन चुनाव में हिस्सा लेंगे।

मतदान का कार्यक्रम –
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर सात चरणों में निम्न तारीख़ों पर मतदान होगा।
पहले चरण का मतदान- 10 फरवरी
दूसरे चरण का मतदान- 14 फरवरी
तीसरे चरण का मतदान- 20 फरवरी
चौथे चरण का मतदान- 23 फरवरी
पांचवे चरण का मतदान- 27 फरवरी
छठवें चरण का मतदान- 3 मार्च
सातवें चरण का मतदान- 7 मार्च

कोरोना काल में पहली बार देश में पांच राज्यों में चुनाव
देश में कोरोना काल में पहली बार पांच राज्यों में इतने बड़े स्तर पर चुनाव होगा। जिसको लेकर चुनाव आयोग ने कहा है कि सुरक्षित चुनाव कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। इसलिए कोरोना के बीच चुनाव कराने के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। साथ ही चुनाव आयोग ने कहा कि 15 जनवरी तक किसी भी तरह के रोड शो, रैली, पद यात्रा, साइकिल और स्कूटर रैली की इजाजत नहीं होगी। वर्चुअल रैली के ज़रिए ही चुनाव प्रचार होगा। जीत के बाद किसी तरह के विजय जुलूस भी नहीं निकलेगा।

उत्तर प्रदेश का चुनाव सबसे अहम
उत्तर प्रदेश जहां देश में आबादी के नज़रिए से सबसे बड़ा राज्य है। वहीं, राजनीतिक तौर पर भी इसे काफ़ी अहम माना जाता है। जनसंख्या, राजनीतिक जागरूकता, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश, देश का एक बहुत ही महत्वपूर्ण राज्य है। भारत की लगभग 16.17 फीसदी आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। क्षेत्रफल के लिहाज से भी यह राज्य – राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के बाद पांचवे स्थान पर है और भारत का 7.3 फीसदी भूमि क्षेत्र इस राज्य में आता है। उत्तर प्रदेश में 75 ज़िले हैं, 80 लोकसभा सीटें, 31 राज्य सभा सीटें हैं और 404 विधानसभा सीटें एवं इसके विधान परिषद में 100 सदस्य हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो दिल्ली का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी दलों के लिए उत्तर प्रदेश का चुनाव काफ़ी अहम है। साल 2017 में निर्वाचित वर्तमान विधान सभा का कार्यकाल 14 मार्च 2022 को ख़त्म होने वाला है। उत्तर प्रदेश विधान सभा विधान मंडल का निचला सदन है।
इसमें 403 निर्वाचित सदस्‍य और राज्‍यपाल की ओर से मनोनीत एक आंग्‍ल भारतीय सदस्‍य होते हैं। यानी राज्य में 403 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा।
विधान सभा का कार्यकाल कुल पांच साल का होता है, अगर वो इसके पहले विघटित न हो गई हो। वर्तमान सत्रहवीं विधान सभा का गठन 14 मार्च, 2017 को हुआ था।

यूपी विधान सभा जीतने वाले का फ़ैसला
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में जीत का जादुई आंकड़ा 202 है। चुनावी मैदान में उतरी जो भी पार्टी या पार्टियों का गठबंधन इस आंकड़े तक या इसके पार पहुंच जाएगा, अगली सरकार उसी की होगी। 2022 के यूपी विधान सभा चुनाव के लिए फ़िलहाल गठबंधनों की स्थिति साफ़ नहीं है।

पंजाब, गोवा, उत्‍तराखंड में एक दिन ही मतदान
चुनाव आयोग ने उत्‍तराखंड, पंजाब और गोवा में मतदान के लिए 14 फरवरी का दिन तय किया है। मणिपुर में पहले चरण की वोटिंग 27 फरवरी और दूसरे चरण के लिए 3 मार्च को चुनाव होगा। सभी राज्‍यों के नतीजे 10 मार्च को घोषित कर दिए जाएंगे।

5 राज्‍यों में आदर्श आचार संहिता लागू
इन पांच राज्‍यों में से चार में बीजेपी की सरकार है जबकि पंजाब में कांग्रेस सत्‍ता में है। चुनावी बिगुल बजने से साथ इन पांच राज्‍यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code Of Conduct) लागू हो गई। मतदान कार्यक्रम के अलावा, पूरे भारत में मामलों की बढ़ती संख्या के बीच कोविड-19 प्रोटोकॉल (Covid-19 Protocol) की भी घोषणा भी हुई।