अभिनेता दिलीप कुमार, 98 साल की उम्र में ट्रेजेडी किंग का निधन – अलविदा दिलीप कुमार!

नहीं रहे बॉलीवुड के पहले किंग खान…अलविदा दिलीप कुमार!

बॉलीवुड सुपरस्टार दिलीप कुमार का 98 वर्ष की उम्र में बुधवार (7 जुलाई, 2021) सुबह निधन हो गया. दिलीप कुमार पिछले पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. उनकी मौत से देशभर में शोक की लहर है. PM मोदी समेत कई बड़े हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है. हर कोई अपने अपने तरीके से उन्हें अंतिम विदाई दे रहा है.

आइये जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी अनसुनी कहानी जिसे आप नहीं जानते होंगे…

मेरा दिल कोई आपका हिंदुस्तान नहीं जिस पर आप हुकूमत करें…

मुग़ल-ए-आज़म का ये सिर्फ डायलॉग नहीं है बल्कि वो याद है जिसे सुनते ही उनकी छवि दिमाग में उभर जाती है. वो ऐसे एक्टर थे जिन्होंने एक्टर बनने का ख्वाब नहीं देखा लेकिन सुपरस्टार बन गए, उन्होंने ज़ीरो से शुरुआत की और अपने करियर के पीक पर ब्रेक भी लिया…लेकिन उनकी अदाकारी ऐसी थी कि लोगों ने हमेशा उन्हें अपने दिल में बसाकर रखा.

चाहें मुगले-आज़म जैसी फिल्मों में उनकी अदाकारी की बात हो या फिर मधुबाला से प्यार के किस्से… तमाम वजहों से दिलीप कुमार अपने फैंस और सिनेमाप्रेमियों के दिलों में छाए रहेंगे. दिलीप कुमार ने अपने करियर में हर तरह की फिल्में की. उन्होंने रील और रीयल लाइफ में प्यार की सारी हदें तोड़ीं तो वहीं जब दिल टूटने वाले प्रेमी बने तो ट्रेजडी किंग कहलाए.

अपनी बायोग्राफी Dilip Kumar: The Substance and The Shadow में उन्होंने लिखा है, ”मैंने अपनी लाइफ में कभी फिल्म स्टूडियो नहीं देखा था. यहां तक कि फोटो में भी नहीं देखा था. मैंने सिर्फ इस बारे में सुना था. स्टूडियों में मैं पहली बार जब देविका रानी से मिला तो उनके एक सवाल ने मेरी जिंदगी बदल दी. उन्होंने पूछा था कि क्या तुम 1250 रुपये की सैलरी पर यहां काम करोगे. उस वक्त मुझे पता नहीं था कि क्या जवाब दूं.”

यहीं पर देविका रानी ने उन्हें पहली फिल्म ज्वार भाटा में काम दिया.
ये फिल्म तो नहीं चली लेकिन इससे उनकी किस्मत जरूर चमक गई. जुगनू में नुरजहां के साथ उनकी जोड़ी को पसंद किया गया और उन्हें पॉपुलैरिटी मिली.

1949 में रिलीज हुई फिल्म अंदाज ने उनके करियर को बड़ा ब्रेक दिया. इस फिल्म को महबूब खान ने बनाया, जिसमें उनके साथ नरगिस और राज कपूर थे. इसके बाद इसी साल शबनम रिलीज हुई ये फिल्म भी हिट रही.

1952 में रिलीज हुई संगदिल फिल्म के साथ उनका ये डायलॉग भी सुपरहिट रहा.

उन्होंने संगदिल में कहा- मैं किसी से नहीं डरता, मैं जिंदगी से नहीं डरता, मैं मौत से नहीं डरता, अंधेरे से नहीं डरता, डरता हूं सिर्फ खूबसूरती से.

तो मुगल-ए-आजम में कहा- मोहब्बत जो डराती है वो मोहब्बत नहीं…अय्याशी है…गुनाह है.

50 के दशक में दिलीप कुमार ने बहुत सारी हिट फिल्में दीं. जोगन (1950), बाबुल (1950), हलचल (1951), दीदार (1951), तराना (1951), दाग (1952), शिकस्त (1953), अमर (1954), उड़न खटोला (1955), इंसानियत (1955) इसमें देवानंद थे, देवदास (1955), नया दौर (1957), यहूदी (1958), मधुमती (1958) और पैगाम (1959)..

इनमें से कुछ फिल्मों में उन्होंने ऐसे रोल किए कि उन्हें “Tragedy King” कहा जाने लगा.

1952 में महबूब खान की फिल्म आन में उन्होंने कॉमेडी रोल किया जिसे पसंद किया गया. इसके बाद उन्होंने 1955 में आजाद और 1960 में कोहिनूर जैसी फिल्मों में कॉमेडी रोल्स किए.

दिलीप कुमार कितने बड़े स्टार थे इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि 1950 के दशक में Top 30 highest-grossing फिल्मों में से उनकी नौ फिल्में थीं.

वहीं उनकी फिल्म मुगल-ए-आजम ने ऐसा इतिहास रचा कि 11 सालों तक कोई रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया था.
के. आसिफ की इस फिल्म में दिलीप कुमार ने प्रिंस सलीम का रोल निभाया. 1960 में रिलीज हुई ये फिल्म उस जमाने की Highest-Grossing फिल्म बन गई. 1971 में रिलीज हुई हाथी मेरे साथी और 1975 में रिलीज हुई शोले ने इस फिल्म को पीछे छोड़ा.
इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए ब्रेक लिया.
ब्रेक के बाद सन
1981 में क्रांति फिल्म का आइडिया लेकर मनोज कुमार उनके पास आए थे. बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही वो इस फिल्म के लिए तैयार हो गए थे. उनकी कमबैक फिल्म क्रांति जब 1982 में रिलीज हुई तो ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इसके बाद उन्होंने सुभाष घई के साथ विधाता की. इसके अलावा कर्मा, सौदागर, शक्ति और मशाल जैसी हिट फिल्में दीं.

आप लोगों में बहुत कम ही लोगों को पता होगा कि
दिलीप कुमार पहले ऐसे एक्टर थे जिन्होंने उस दौर में सबसे पहले अपनी फीस एक लाख कर दी थी. वो सबसे महंगे एक्टर थे. 1950 के दशक में ये रकम बहुत ज्यादा थी. इसके बावजूद उनके पास फिल्मों की भरमार थी.

आज उनके हमारे बीच नहीं रहने से बॉलीवुड इंडस्ट्री सहित पूरे देश में शोक की लहर है.
उनके निधन पर बॉलीवुड के कई सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. सोशल मीडिया पर भी उनके फैंस उन्हें नम आँखों से विदाई दे रहे हैं.

ऐसे महान कलाकार को The Political Mantra टीम की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि…जब तक ये फ़िल्म इंडस्ट्री रहेगा तब तक आप याद किये जाते रहेंगे.