September 24, 2021

भारत को मिला पहला मेडल, टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू ने रचा इतिहास

टोक्यो ओलंपिक 2021 में मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू के जीवन की कहानी.

टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, वेटलिफ्टिंग में भारत को मिला पहला मेडल, PM मोदी ने दी बधाई

 

टोक्यो ओलंपिक में 2021 में भारत ने एक नया इतिहास रचा है. मणिपुर की मीराबाई चानू भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय ओलंपियन बन गईं हैं.

 

मीराबाई चानू ने 21 साल का इंतजार खत्म करते हुए वेटलिफ्टिंग में मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया है. इसके साथ ही टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहली सफलता मिली है.

बता दें कि मीराबाई चानू ने ओलंपिक खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा के 49 किग्रा स्पर्धा में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक में भारत का खाता खोला. इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत को दूसरी बार मेडल मिला है.

 

चानू ने क्लीन एवं जर्क में 115 किग्रा और स्नैच में 87 किग्रा से कुल 202 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया. इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में देश को भारोत्तोलन में कांस्य पदक दिलाया था.

 

बता दें कि मीराबाई चानू मणिपुर से आती हैं. इनका जन्म 8 अगस्त 1994 को मणिपुर के नोंगपेक काकचिंग गांव में हुआ था. शुरुआत में मीराबाई का सपना तीरंदाज बनने का था, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने वेटलिफ्टिंग को अपना करियर चुनना पड़ा.

 

आसान नहीं था यहां तक का सफर:

 

बचपन में जलाने वाली लकड़ी का गट्ठर उठाने से लेकर अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक पहुंचने का वेटलिफ्टर साईखोम मीराबाई चानू का सफर बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा. यह सफलता उनके संघर्ष और लगन की दास्तां बयां करता है.

स्कॉटलैंड में हुए 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर मीराबाई चानू ने 20 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी. 2016 का वो दिन आज भी याद आता है, जब मीराबाई चानू का रियो ओलिंपिक में 6 में 5 प्रयास इनवैलिड करार दिया गया. उसके बाद उनकी आंखों में आंसू थे वो आगाज था कि मुझे कमजोर मत समझना, अगले ओलिंपिक में इस पोडियम में मेरा ही डंका बजेगा.

 

मीराबाई चानू का रिकॉर्ड:

 

मीराबाई चानू ने 2017 में वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (48 किलो) की चैंपियन बनी. उन्होंने इस साल अप्रैल में 86 किलो स्नैच और वर्ल्ड रिकॉर्ड 119 किलो वजन उठाकर खिताब जीता था. उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था. चानू का 2016 रियो ओलिंपिक निराशाजनक रहा था. जिसके बाद उन्होंने अपने खेल में लगातार सुधार किया और उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2018 में कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीता था.

 

 

वहीं मीराबाई चानू की इस सफलता पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा कि भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए पदक तालिका की शुरुआत करने के लिए मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई.

 

वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट कर बधाई देते हुए कहा कि भारत मीराबाई चानू के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित है. भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई. उनकी सफलता हर भारतीय को प्रेरित करती है.

 

– The Political Mantra Team