ओलंपिक में भारत की विजय गाथा, कब कहाँ और कैसे आपके सब सवालों के जवाब

खेलों का महाकुंभ यानी ओलंपिक जापान की राजधानी टोक्यो में इस समय अपने चरम पर है। 23 जुलाई से शुरू हुआ खेल की दुनिया का यह रोमांच 8 अगस्त तक चलेगा। ओलंपिक हर चार साल पर होता है लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020 में इसका आयोजन नहीं हो सका। अब साल भर की देरी से जापान के टोक्यो में इसका आयोजन हो रहा है।

जापान पहले भी तीन बार ओलंपिक का आयोजिन कर चुका है – 1964, 1972 और 1988 में।

ओलंपिक में इस बार 33 खेलों में 339 मेडल के लिए मुक़ाबले हो रहे हैं। पहला पदक समारोह 24 जुलाई को हुआ।

आधुनिक ओलंपिक की शुरुआत-

जानकारी के लिए बता दें कि सन 1896 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक आधिकारिक तौर पर ओलंपियाड के खेलों के रूप में जाना जाता है, जो एक अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन था। जो 6 से 15 अप्रैल 1896 तक ग्रीस के एथेंस में मनाया गया। यह आधुनिक युग में आयोजित होने वाले पहले ओलंपिक खेल थे। खेल के उद्घाटन के लिए लगभग 100,000 लोगों ने भाग लिया। इसके आधिकारिक उद्घाटनकर्ता – राजा जॉर्ज थे। यह पैनाटिनाइक स्टेडियम में आयोजित किया गया।

दिल्ली में ओलंपिक का आगाज़-

नौवें एशियाई खेल 19 नवंबर से चार दिसंबर 1982 के बीच नई दिल्ली में आयोजित हुए। पहले खेलों के बाद दूसरी बार दिल्ली ने ये खेल आयोजित किए। ये एशियाई खेल एशियाई ओलंपिक परिषद के नेतृत्त्व में हुए। एशियाई खेल महासंघ को भंग करके ही एशियाई ओलंपिक परिषद का गठन हुआ।

India in Olympic
ओलंपिक में भारत की यात्रा

भारत में ओलंपिक की शुरुआत-

खेल के महाकुंभ ओलंपिक में भारत के इतिहास की शुरुआत होती है 1900 के पेरिस ओलंपिक से, जहां कोलकाता के रहने वाले एक एंग्लो इंडियन नॉर्मन गिलबर्ट प्रिटिहार्ड ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और 200 मीटर तथा 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीता था। उसके बाद 20 सालों तक भारत ने ओलंपिक में कोई योगदान नहीं दिया।

ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय-

खाशाबा दादासाहेब जाधव (KD Jadhav) व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे। जाधव ने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर भारत का परचम लहराया था।

आधुनिक खेलों के जन्मदाता-

बेरोन पियरे दी कोबर्टिन को आधुनिक खेलों का जन्मदाता कहा जाता है। इनका जन्म सन 1863 में फ्रांस में हुआ। बचपन से ही उनकी खेलों में विशेष रुचि थी।

आधुनिक ओलंपिक खेल कहां शुरू हुए?

प्राचीन काल में यह ग्रीस यानी यूनान की राजधानी एथेंस में सन 1896 में आयोजित किया गया था। ओलंपिया पर्वत पर खेले जाने के कारण इसका नाम ओलंपिक पड़ा। ओलंपिक में राज्यों और शहरों के खिलाड़ी भाग लेते थे।

ओलंपिक झंडे में कितने छल्ले होते हैं?

ओलिंपिक के बारे में जब भी कोई खबर आती है या उसे प्रदर्शित करना होता है तो इसके लिए सबसे अधिक पांच रंगों (नीले, पीले, काले, हरे, लाल) की पांच रिंगों का उपयोग किया जाता है। ये रिंग वैश्विक तौर पर ओलिंपिक खेलों का प्रतीक हैं।

पहले आधुनिक ओलंपिक खेल यूनान की राजधानी एथेंस में 1896 में आयोजित किए गए। लेकिन उसके बाद भी सालों तक ओलंपिक आंदोलन का स्वरूप नहीं ले पाया।

वहीं टोक्यो ओलंपिक में भारत के खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। 5 मेडल जीतकर भारत ओलंपिक में अपना दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन कर चुका है। शुक्रवार ओलंपिक का 15वां दिन रहा और अभी दो दिन बचे हैं। उम्मीद लगाई जा रही है कि शेष बचे दिनों में भी भारत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है।

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टोक्यो ओलंपिक में अबतक भारत ने किस खेल में जीते पदक-

मीराबाई चानू ने खोला था पदक का खाता-
टोक्यो में जारी ‘खेलों के महाकुंभ’ के पहले दिन ही भारत ने पदक जीतकर नया इतिहास लिख दिया। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत को पहला पदक दिलाया। इसके बाद बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने कांस्य पदक पर कब्जा किया।

लवलीना ने भी जीता कांस्य-
स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में यादगार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
इसी के साथ लवलीना बोरगोहेन ओलंपिक मुक्केबाजी इवेंट में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय बॉक्सर बन गईं।

रवि दहिया ने मचाया धमाल-
भारत को इस ओलंपिक में दूसरा सिल्वर मेडल पहलवान रवि दहिया ने दिलाया। रवि ने 57 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में ये पदक हासिल किया।
रवि कुमार दहिया ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे पहलवान हैं। रवि से पहले सुशील कुमार ने 2012 के ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था।

पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल बाद जीता पदक-
टोक्यो ओलंपिक में भारत की पुरुष हॉकी टीम ने भी कमाल किया. उसने 4 दशक का सूखा खत्म करते हुए कांस्य पदक जीता. भारत को इससे पहले 1980 के मॉस्को ओलंपिक में मेडल मिला था. तब उसने गोल्ड मेडल पर कब्जा किया था.

लंदन ओलंपिक में इन खिलाड़ियों ने जीता था पदक-
भारत का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन लंदन ओलंपिक-2012 में रहा है, जहां उसने 6 मेडल अपने नाम किए थे।

शूटिंग- विजय कुमार (सिल्वर)- 25 मीटर रेपिड फायर पिस्टल
कुश्ती-  सुशील कुमार( सिल्वर)- फ्रीस्टाइल 66 किग्रा भार वर्ग
शूटिंग- गगन नारंग (कांस्य)- 10 मीटर एयर राइफल
बैडमिंटन- साइना नेहवाल( कांस्य)- महिला एकल
बॉक्सिंग- एमसी मैरीकॉम (कांस्य)
कुश्ती- योगेश्वर दत्त (फ्रीस्टाइल 60 किग्रा भार वर्ग

-The Political Mantra Team