September 24, 2021

भूख के आगे मजबूर मजदूर और गन्दी राजनीति

इस देश के युवाओं को Youtube vs tiktok से मतलब है और इस देश के राजनेताओ को गन्दी राजनीति से उनको गरीबो के दुःख दर्द से मतलब ही नाममात्र के लिए है , वो भी जब चुनाव हो
कभी कभी मुझे समझ नहीं आता इतनी बेरुखी आती कहा से है। इस कोरोना जैसी महामारी के समय जब मजदूरों को राज्य सरकारों को आपस में बात करके जहा हैं , वही पे रुकने के लिए बोलना चाहिए वहा पर मजदूरों को मजबूर किया जा रहा है अपने गांव की तरफ पलायन करने के लिए। इससे घिनौनी राजनीति कहा पे हो सकती example के लिए
१. Prashant kishor ने Arvind kejariwal को दिल्ली इलेक्शन में जीतने में मदद की कैंपेन डिज़ाइन किया तो बिहार का इलेक्शन आने वाला है तो prashant kishor की बिहार इलेक्शन में मदद करने के लिए Arvind kejariwal बिहार के मजदूरों को वापस जाने को मजबूर किया जिससे नितीश कुमार की छवि खराब हो और प्रशांत किशोर को बिहार इलेक्शन में फायदा मिले।
२. इस तरह का खेल ममता बनर्जी भी कर रही है जिससे आने वाले बंगाल इलेक्शन में बीजेपी को हरा सके।
३. M.P. और U.P में लेबर लॉ ही बदल दिए गए मतलब इतनी मजबूरी में भी जो हक़ उन्हें सालो के संघर्ष से मिला था वो भी छीन लिया गया है।
४. जिन मजदूरों पे देश की अर्थव्यवस्था टिकी है उनसे इस तरह का बर्ताव किया जा रहा की जैसे देश को मजदूरों की जरूरत ही नहीं है कभी कभी समझ नहीं आता की इस देश का ढाचा ही ऐसा क्यों है जो देश की एक बड़ी आबादी को सिर्फ एक मजबूर मजदूर ही बनाती है और बाद में इनको पुजीपतियो की बलि पे चढ़ने के लिए छोड़ दिया जाता है.
५. जिन मजदूरों के मेहनत से भारत का निर्माण हुआ है आज उनके मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है पिछले कई दिनों से जो सुनाई दे रहा है वो बहुत ही दर्दनाक है चाहे वो औरंगाबाद में रेल दुर्घटना हो या हाल में हुआ सड़क हादसा हो या फिर चलते चलते लोगो का भूख से मर जाना हो ।
और उससे भी दुःख की बात है की सरकारे ये बोल रही की हमने ये कर दिया हमने किराया माफ कर दिया हमने खाना फ्री में दे दिया लेकिन कोई ये बात नहीं कर रहा की जो जहा पे रह रहे है उनको वह पे रहने क्यों नहीं दिया गया उन्हें इस महामारी में गांव जाने पे मजूर क्यों होना पड़ा जब आप लोग सब ठीक ही कर रहे थे।
और सबसे बड़ी बात लोगो को दूसरे राज्यों में जाना ही क्यों पड़ रहा है क्यों नहीं राज्य अपने ही राज्य में इतने रोजगार के साधन उपलब्ध कराये की लोगो को दूसरे राज्य में जाने की जरूरत ही न पड़े। जबतक राज्य’ खुद के लोगो को अपने ही राज्य में जिले में रोजगार के साधन नहीं उपलब्ध कराएगी तबतक इस तरह का संकट आता रहेगा। मजदूर ऐसे हे मरते रहेंगे लोग ऐसे हे राजनीती करते रहेंगे और देश Yotube vs tiktok में फसा रहेगा।

Team ThePoliticalManta(Rahul)