September 25, 2021

कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं प्रशांत किशोर, राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं की मांगी राय

Delhi News:चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर जल्द कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पिछले काफी समय से सियासत के गलियारों में उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थी. पिछले दिनों प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद कयास और तेज हो गए थे. हालांकि खुद प्रशांत किशोर इस मामले पर खुलकर कुछ भी बोलने से बचते रहे हैं। वहीं, अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल करने को लेकर राहुल गांधी ने
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से उनकी राय मांगी है.

वहीं, पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 22 जुलाई को राहुल गांधी की अध्‍यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें इस मामले पर चर्चा की गई थी. बताया गया कि इस बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्‍ठ नेता शामिल थे. जिनमें एके एंटनी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, कमलनाथ और अंबिका सोनी मौजूद थे. इसके साथ ही रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के फैसले से सहमत हो जाते हैं, तो प्रशांत किशोर को कांग्रेस में महासचिव (अभियान प्रबंधन) के रूप में महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारी दी जा सकती है.

वहीं, अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबित प्रशांत किशोर ने 15 जुलाई को गांधी परिवार के सामने एक प्रजेंटेशन भी किया था. रिपोर्ट के मुताबिक एक कांग्रेस नेता का यहां तक दावा है कि पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी अगले कुछ दिनों में इस मामले पर अंतिम‍ निर्णय ले सकते हैं.इसीलिए उन्‍होंने पहले कांग्रेस के नेताओं से राय मांगी है. कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि चूंकि प्रशांत किशोर पहले भी कह चुके हैं कि बिना कांग्रेस के बीजेपी को हराना संभव नहीं है. ऐसे में प्रशांत किशोर कांग्रेस में आ सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि अधिकांश नेताओं ने राहुल गांधी के फैसले पर अपनी सहमति भी दे दी है.

एक नेता का कहना है कि ‘हम इस बात को लेकर आशांवित हैं क्‍योंकि प्रशांत किशोर यह कह चुके हैं कि बिना कांग्रेस के बीजेपी को हराना संभव नहीं है।’ वहीं एक नेता ने बताया है कि 22 जुलाई को बैठक में नेताओं से पूछा गया था कि प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर वे क्या सोचते हैं. इस पर अधिकांश नेताओं का कहना था कि यह विचार बुरा नहीं है. यानी कि नेताओं की ओर से इस पर हामी भरी गई थी.

– The Political Mantra Team