September 24, 2021

Raj Kundra : भारत में पोर्नोग्राफी से संबंधित कानून, सजा के प्रावधान ?

भारत में पोर्नोग्राफी से संबंधित कानून, सजा के प्रावधान..?

मशहूर बिजनेस मैन और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को मुंबई पुलिस ने पोर्नोग्राफी (Pornography) के मामले में 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था. उनपर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने ऐप ‘हॉटशॉट्स’ के लिए पोर्न मूवीज बनाई थीं, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 27 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है.

वहीं मुंबई पुलिस दावा कर रही है कि उनके पास कुंद्रा के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी मौजूद हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पोर्नोग्राफी व्यापार को संचालित करने के लिए कुंद्रा ने दुबई में एक ऑफिस भी बनाया था.

राज कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद यह मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है और इससे संबंधित कानून पर चर्चा भी खूब हो रही है. आपके मन में भी होगा कि आखिर पोर्नोग्राफी कानून है क्या और इसमें दंड के क्या प्रावधान हैं..?

तो आइए हम आपको बताते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी-

यह वह कानून है, जिसमें साइबर स्पेस का उपयोग कर या उसके जरिए अश्लील सामग्री बनाने, दिखाना, बांटना, आयातित करना, प्रकाशित करना शामिल है. साइबर स्पेस के आने से परंपरागत अश्लील कंटेट बड़े पैमाने पर ऑनलाइन या डिजिटल पोर्नोग्राफिक कंटेट में बदल गई है.

कानून में सजा के प्रावधान-

साइबर पोर्नोग्राफी कई देशों में बैध है तो कई देशों में इस पर कोई रोक नहीं है. वहीं भारत में पोर्नोग्राफी और पोर्नोग्राफिक कंटेंट को लेकर बड़ा सख्त काननू है.

भारत के सूचना तकनीकी कानून 2008 के अंतर्गत यहां पर ना तो यह प्रतिबंधित है और ना ही वैध है. इसी कानून की धारा 67 के तहत बहुत से कार्य दंडनीय अपराध की श्रेणी में हैं, जिसमें 5 साल के कारावास और 10 लाख रुपए जुर्माना तक का प्रावधान है.

इसी कानून में ही वेबसाइट पर सामग्री अपलोड करना, Whats app ग्रुप या किसी अन्य डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करना, जहां थर्ड पार्टी इस तरह के कटेंट को देख सकती हैं. इसके प्रसारण में ईमेल, मैसेजिंग, व्हाट्सऐप या किसी व्यक्ति को किसी भी तरह के डिजिटल मीडिया में अश्लील तस्वीरें, वीडियो या तस्वीरें भेजना शामिल है.

Lawtrend.in पर प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, पॉर्न को रोकने के लिए भारत में एंटी पोर्नोग्राफी लॉ है. पॉर्न से जुड़े मामलों में आईटी (संशोधन) कानून 2008 की धारा 67 (ए) और आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 500, 506 व 509 के तहत सजा का प्रावधान है.

“पॉर्न का कंटेंट रेप या शारीरिक शोषण वाला है तो IT ऐक्ट, सेक्शन 67ए के तहत कार्रवाई होगी. चाइल्ड पॉर्न सर्कुलेट करने वाले के खिलाफ IT ऐक्ट की धारा 67बी के तहत कार्रवाई होगी. अगर कोई किसी के सेक्स करने या सेक्शुअल एक्टिविटी का वीडियो बनाता है तो ये क्राइम है. इसमें IT ऐक्ट के सेक्शन 66ई के तहत कार्रवाई होगी.”

IT ऐक्ट की धारा 67ए और 67बी गैर-ज़मानती हैं. ये भी बता दें कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े मामले में POCSO कानून के तहत भी कार्रवाई होती है.

अपराध की गंभीरता के अनुसार पहली गलती पर 5 साल तक जेल या 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है. लेकिन दूसरी बार ऐसा करने पर जेल की सजा बढ़कर 7 साल तक हो सकती है.

कुंद्रा के मामले के बाद लोगों के मन ये सवाल घूमने लगे हैं कि क्या भारत में अश्लील फिल्में देखना भी गैर कानूनी है? तो बताते चलें कि अगर कोई व्यक्ति अपने मोबाइल या लैपटॉप पर ऐसी कोई फिल्म देख रहा है, तो वो जुर्म नहीं है. मगर कानून के तहत चाइल्ड पॉर्नोग्राफी देखना अवैध है. वहीं, अगर आप इस तरह की अश्लील फिल्में प्रकाशित और शेयर कर रहे हैं तो यह अपराध की श्रेणी में आता है और आप पर कार्रवाई हो सकती है.

भारत में पॉर्न बनाने, बेचने, शेयर करने, इसके प्रदर्शन आदि पर भी बैन है. इसके बावजूद भारत दुनिया का तीसरा सबसे अधिक पॉर्न देखने वाला देश है.

साल 2018 में आई एक खबर के मुताबिक, 2017 से 2018 के बीच भारत में पॉर्न देखने की दर में 75 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी. छोटे शहरों के लोग काफी अधिक संख्या में इसे देख रहे हैं.

2018 में भारत सरकार ने करीब 850 पॉर्न वेबसाइटों पर बैन लगा दिया था. ऐसा पहले भी किया गया है. लेकिन इसका कोई खास प्रभाव कभी पड़ा नहीं.

-The Political Mantra Team