September 24, 2021

What is Pegasus Spyware How Does It Work on .

आखिरकार क्या है पेगासस?

 

इजरायली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस को लेकर देश दुनिया में हो हल्ला मचा हुआ है. लेकिन ये पहला  मौका नहीं है. इस तरह की घटना पहले भी सामने आई है.  इसके पहले भी कई चुनिंदा लोगों के फोन को टैप करने के आरोप लगे हैं.  हालांकि इसको लेकर वर्तमान में जो भी सरकार रही है, उनको दोषी माना जाता है लेकिन वो इन सबसे इनकार करती नजर आई है. विपक्ष का आरोप यही होता है कि ये सारे काम सत्ताधारी की ओर से कराया जा रहा है.

 

पेगासस एक ऐसा साफ्टवेयर है जो दूसरों के मोबाईल का डेटा हैक कर सकता है और उस फोन की सारी जानकारी निकाल सकता है. यह एक स्पाईवेयर होता है. जिसे इजराइली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ग्रुप टेक्नालाजी ने बनाया है. यह एक ऐसा स्पाईवेयर होता है, जिसे महज एक मिस्डकॉल के जरिेए आपके फोन में डाला जा सकता है.  इसके बाद कोई भी हैकर आपके स्मार्टफोन के ऑडियो, टेक्सट मैसेज,  ईमेल और लोकेशन को हासिल कर सकता है.

 

पेगासस से जुड़ी जानकारी पहली बार साल 2016 में संयुक्त अरब अमीरात केे मानवाधिकार कार्यकर्त्ता अहमदमंसूर के कारण मिली थी.  दरअसल, उन्हें कई मैसेज मिले थे, जो उनके अनुसार संदिग्ध थे.  उनका मानना था कि उसमें लिंक गलत उद्देश्य से भेजे गए थे. उसके बाद उन्होंने “टोरंटो विश्वविद्याय के सिटीजन लैब”  के जानकारों को दिखाया. साथ ही एक और सुरक्षा फर्म की मदद ली थी.

 

मंसूर का अंदाजा सही निकला था.  अगर वो यूआरएल, लिंक्स पर क्लिक किए होते तो उनका भी आईफोन “मैलवेयर” सेे संक्रमित हो जाता.  तब इस मैलवेयर को “पेगासस” का नाम दिया गया.

 

इन सबके बाद बात यही आकर अटक जाती है कि पक्ष-विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप में हकीकत का खुलासा नहीं हो पाता है. ऐसे में इन मामलों को लेकर दो-तीन दिन तक हंगामा होता है. फिर सब लोग अपनी-अपनी राह पकड़ लेते हैं. मामला शांत हो जाता है.

 

साथ ही ऐसी घटनाएं हमें इस बात के लिए जागरूक करती हैं कि इस डिजीटलीकरण के दौर में जब आपके नियंत्रण में आपका ही मोबाईल नहीं है, बल्कि आप मोबाईल के नियंत्रण में हैं, तो आप अपने आप को पूरी तरह सुरक्षित न मानें.

 

– श्रद्धानंद मिश्रा, पत्रकार