September 24, 2021

विश्व युवा कौशल दिवस: 15 जुलाई हर साल क्यों मनाया जाता है

15 जुलाई को हर साल क्यों मनाया जाता है विश्व युवा कौशल दिवस

युवा ही किसी भी समाज का रीढ होता है। परिवार के भरण-पोषण की सारी जिम्मेदारी युवाओं पर ही निर्भर होता है। विकासशील और पिछड़े हुए देशों में युवाओं का बेरोजगार रहना एक बड़ी चिंता का विषय है। बेरोजगारी के कारण युवाओं को अपनी क्षमता से कम स्किल वाले रोजगार में कार्य करना पड़ रहा है।

इसी को देखते हुए श्रीलंका के पहल पर 11 नवंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हर साल15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस यानी World Youth Skills Day के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

यह दिन युवाओं को रोजगार, बेहतर रोजगार और उद्यमिता के लिए कौशल प्रदान करने के महत्व को चिन्हित करने के लिए भी मनाया जाता है।

वहीं भारत की बात करें तो यहां लगभग 42 करोड़ जनसंख्या युवाओं की है। परंतु इस अनुपात में सभी युवाओं को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। देश के युवा शक्ति को देखते हुए भारत सरकार ने कौशल विकास योजनाओं की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY):

कौशल भारत योजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 15 जुलाई 2015 को प्रथम अंतरराष्ट्रीय युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया गया था।

इसके तहत वर्ष 2022 तक भारत के लगभग 40 करोड लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य है। जिससे वे रोजगार प्राप्त कर सकें।

इस योजना में तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा होने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है। जिससे रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।

युवाओं के कौशल पर इस तरह से जोड़ दिया जाता है! ताकि उन्हें रोजगार मिल सके और उद्यमिता में सुधार हो सके।

परंपरा संबंधित सभी विषयों के लिए प्रशिक्षण जैसे बड़ई, मोची, वेल्डर, लोहार, राजमिस्त्री, दर्जी, बुनकर इत्यादि को आर्थिक समर्थन एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

-The Political Mantra Team